किसान की बेटी बनी स्टेट की थर्ड टॉपर, डॉक्टर बन लोगों की सेवा करने का सपना, घर में जश्न का माहौल

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2022 का रिजल्ट जारी हुआ तो औरंगाबाद को एक साथ दोहरी सौगात सामने मिली. टॉप 3 में जिले से दो परीक्षार्थियों ने कब्जा जमाया है. इस बार जहां टॉपर औरंगाबाद की रामायणी बनी तो तीसरे स्थान पर इसी जिले की प्रज्ञा ने पचरम लहराया है. प्रज्ञा ने अपनी सफलता से एकबार फिर साबित किया है कि अगर मेहनत के बदौलत अपने लक्ष्य पर निशाना साधा जाए तो फिर संघर्ष के रास्ते भी इसे हासिल किया जा सकता है.

बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल करने वाल प्रज्ञा कुमारी ने उत्क्रमित स्कूल से पढ़ाई की. इस परीक्षा में प्रज्ञा ने 485 अंक हासिल किये और तीसरे स्थान पर कब्जा जमाया. टॉपर को प्रज्ञा से 2 नंबर ही अधिक मिला है वहीं सेकेंड टॉपर को प्रज्ञा से एक नंबर अधिक है. प्रज्ञा ने अपनी सफलता की कहानी और उस सफर को याद किया जिससे गुजकर उसने परचम लहराया है.

प्रज्ञा के पिता किसान हैं और माता गृहणी हैं. प्रज्ञा ने गांव में रहकर ही अपनी पढ़ाई की. उसके कंधे पर घर की भी जिम्मेदारी रही और तमाम जिम्मेदारियों को निभाते हुए प्रज्ञा ने अपने लक्ष्य को साधे रखा. बेहद ही कम संसाधनों के बीच किस तरह सफलता हासिल की जाती है उसका उदाहरण प्रज्ञा ने पेश किया है. वहीं गुरुवार को जब रिजल्ट जारी हुआ तो सभी बेहद खुश हुए.

प्रज्ञा ने बताया कि उनके शिक्षकों ने इस बात की जानकारी दी कि वो तीसरे नंबर पर आयी है. बताया कि सभी शिक्षकों और माता-पिता के कारण ही वो सफलता को हासिल कर सकीं. बताया कि माता-पिता ने उन्हें काफी प्रोत्साहित किया है. प्रज्ञा नीट की तैयारी करना चाहती हैं. भविष्य में वो डॉक्टर बनने का सपना देखती हैं. बता दें कि बिहार बोर्ड ने इस बार बेहद कम समय के अंतराल पर रिजल्ट जारी करके रिकॉर्ड बनाया है.

INPUT: Prabhat Khabar

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