मुजफ्फरपुर नगर निगम की राजनीति व आपसी खींचतान की बलि चढ़ा शहर का ‘विकास’, इस बार भी डूबना तय

नगर निगम की राजनीति व आपसी खींचतान से शहर के ड्रेनेज प्लान पर पानी फिर गया है। शहर को जलजमाव से मुक्त कराने के लिए बनी करीब तीन सौ करोड़ की योजना धरी रह गई और सभी नाले बनने से पहले ही पानी से भर गए।

काम रुकने से अब योजना को पूरा करने में लंबा वक्त लगेगा, जबकि उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री तारकिशोर प्रसाद की ओर से दी गई डेडलाइन भी बीतने को है।

शहर से पानी निकालने के लिए दो योजना बनी। इसके तहत बैरिया से लक्ष्मी चौक होते हुए स्टेशन रोड से नाला निकाला जा रहा है, जो आगे ड्रेनेज में मिलकर पानी को बाहर ले जाएगा। दूसरी योजना एबीडी एरिया के बाहर से ड्रेनेज निकालकर अलग-अलग हिस्सों में पानी ले जाने की है। शहर के अंदर स्मार्ट सिटी से काम हो रहा है जबकि शहर के बाहरी हिस्से में बुडको के जिम्मे है। दोनों योजनाएं तीन सौ करोड़ के ऊपर की हैं। इस बीच निगम के माननीय व अधिकारी अपने अधिकारों को लेकर उलझते रहे और नाला निर्माण की तारीख आगे खिसकती रही। अब स्थिति है कि प्री-मॉनसून की बारिश में ही अधूरे नाले पूरे भर गए और निर्माण थम गया है। मानसून से पहले ड्रेनेज को दुरुस्त करने का काम आधा-अधूरा ही रह गया।

अतिक्रमण का दिया जा रहा हवाला, नहीं हो रही मापी

अघोरिया बाजार से कच्ची पक्की होते हुए निकल रहे नाले का निर्माण अतिक्रमण को लेकर ठप है। बुडको के अभियंता अरुण कुमार बताते हैं कि अतिक्रमण के कारण काम रुक गया है। निगम को मापी कराने के लिए कहा गया है। वहीं, मेयर राकेश कुमार पिंटू ने बताया कि अतिक्रमण पर कार्रवाई कौन रोक रहा है। जहां काम रुका हुआ है, वहां मापी कराने की जिम्मेवारी निगम की है। मापी कराए बिना अतिक्रमण को दोष देकर अधिकारी जिम्मेवारी से पीछे हट रहे हैं।

बैरिया से स्टेशन तक हटा अतिक्रमण, नहीं हुआ काम

जहां अतिक्रमण हटा लिया गया है, स्मार्ट सिटी का काम वहां भी अधूरा ही है। पानी निकासी के लिए नाला निर्माण बैरिया से स्टेशन तक करना है। इसके लिए स्टेशन रोड से अतिक्रमण काफी जद्दोजहद के बाद हट पाया, लेकिन बैरिया से स्टेशन तक जगह-जगह खोदे गए गड्ढों में फिर से पानी भर गया है। इसको लेकर निर्माण रुका हुआ है। हालत यह है कि ब्रह्मपुरा में भरे अधूरे नाले का पानी मोटर से बाहर निकाला जा रहा है। स्टेशन रोड में भी सड़क व नाला पानी भरने के कारण बराबर हो गया है। इसके आगे मोतीझील व हरिसभा में भी नाला व सड़क पानी भरकर बराबर हो गया है। इन अधूरे नालों से पानी निकालने में भी 15 दिन से ऊपर का समय लगेगा और दोबारा काम शुरू होने तक बरसात आ जाएगी।

अतिक्रमण के बहाने कमी को छुपाया जा रहा है। अतिक्रमण है तो मापी कराकर निर्माण शुरू कराने से किसी ने नहीं रोक रखा है। निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए गए सवालों का जवाब नहीं मिल रहा। सभी नाले अधूरे हैं और बरसात सिर पर है।

– राकेश कुमार पिंटू, मेयर

अतिक्रमण के कारण कई जगह निर्माण में बाधा आयी है। काम तेजी से कराया जा रहा है। कोशिश है कि बरसात से पहले निर्माण ऐसा कर लिया जाए कि पानी की निकासी संभव हो सके। काम की गुणवत्ता के लिए तीसरी सरकारी एजेंसी की सेवा ली जा रही है।

-विवेक रंजन मैत्रेय, नगर आयुक्त

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