Muzaffarpur Smart City: खत्म हुई डेडलाइन लेकिन काम अभी भी अधूरा, बारिश आते ही शहर का नरकीय हाल होना तय

मुजफ्फरपुर, जासं। स्मार्ट सिटी के तहत नाला निर्माण करने वाली एजेंसी पर डीएम प्रणव कुमार की चेतावनी का भी असर नहीं हुआ। स्थिति यह है कि कंपनीबाग हो या मोतीझील, सभी जगह नाला के लिए खोदा गया गड्ढा खुला ही छोड़ दिया गया है।

यह तो गनीमत है कि वर्षा नहीं हो रही। प्री मानसून वर्षा हुई तो शहर में हादसे पर हादसे होंगे। ब्रह्मपुरा, स्टेशन रोड, मोतीझील, तिलक मैदान रोड, हरिसभा चौक पर अब भी जानलेवा गड्ढे हैं। इससे बचाव के कोई उपाय नहीं हो रहा है। 31 दिसंबर 2022 तक काम को पूरा करना है। इस बीच अब तक काम 25 से 30 प्रतिशत तक ही हुआ है। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों की मानें तो निर्माण एजेंसी को अधूरा काम पूरा करने के लिए कहा गया है। जहां पर गड्ढे हैं उसकी बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर आयुक्त व स्मार्ट सिटी के एमडी विवेक रंजन मैत्रेय ने बताया कि आइआइटी, पटना की टीम ने निरीक्षण के बाद जो सुझाव आएंगे उसपर अमल होगा। टीम ने निर्माण की गति बढ़ाने, सुरक्षा मानक व गुणवत्ता के शत प्रतिशत पालन की सलाह दी है। उसका पालन कराया जा रहा है।

स्मार्ट सिटी के काम में मची है लूट-खसोट

मुजफ्फरपुर : शहर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत हो रहे कार्यों पर पूर्व विधायक व नागरिक सुरक्षा एवं सेवा परिषद् के संयोजक केदारनाथ प्रसाद ने सवाल उठाया है। रामभजन मार्केट में प्रेस वार्ता में उन्होंने नगरपालिका की व्यवस्था पर रोष जताते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर में लूट-खसोट हो रहा है। फरदो नाला, कल्वर्ट की सफाई व सिल्ट निकालने के नाम पर करोड़ों की लूट हो गई, मगर सफाई नही हुई। बरसात में शहर इस बार भी डूबने को पूरी तरह तैयार है। बावजूद शासन-प्रशासन इसकी जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। सावन मास में कांवर लेकर आने वाले शिवभक्त का सड़क पर चलना दूभर हो जाएगा। प्रेसवार्ता में अंजन पाठक, नूर आलम, सूरज नारायण भी मौजूद थे।

 

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