बेअसर रहा DM द्वारा गड्ढे को भरने का अल्टीमेटम, एजेंसियों पर लगा 1.23 लाख रुपए का जुर्माना

डीएम के अल्टीमेटम के बावजूद शहर में नाला निर्माण के लिए खाेदे गए बेतरतीब गड्ढों काे 27 मई तक नहीं भरना स्मार्ट सिटी की तीन एजेंसियाें काे भारी पड़ गया। इन चाराें एजेंसियाें पर अलग-अलग जुर्माना लगाते हुए नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय ने स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक काे 1.23 लाख रुपए की वसूली करने का निर्देश दिया है। नगर आयुक्त ने स्मार्ट सिटी के ठेकेदाराें काे कहा है कि जल्द से जल्द खाेदे गए स्थल पर नाला निर्माण पूरा करें अन्यथा अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट सिटी के ठेकेदार लापरवाही के साथ काम में अनियमितता बरत रहे हैं। नगर आयुक्त ने बिहार नगर पालिका एक्ट के तहत जानमाल की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए स्मार्ट सिटी के निर्माण एजेंसियों पर 5 सौ रुपए प्रति मीटर की दर से जुर्माना लगाया है।

नगर आयुक्त ने मुख्य महाप्रबंधक को लिखा पत्र, कहा- अनियमितता बरती जा रही

दो की हो चुकी है मौत

नाला निर्माण में बरती जा रही लापरवाही शहर का सबसे बड़ा पेन एरिया है। इसको लेकर दैनिक भास्कर लगातार प्रशासन काे आगाह कराते रहा है। एजेंसियाें की इस लापरवाही के कारण पिछले माह स्टेशन राेड में दरभंगा के युवक तथा सिकंदरपुर में स्मार्ट सिटी के एक मजदूर की माैत हाे गई थी। इस घटना के बाद दैनिक भास्कर ने जब बाेल्ड काॅल लिया ताे डीएम काे आपात बैठक बुलानी पड़ी। डीएम ने निर्माण एजेंसियाें काे 27 मई तक अल्टीमेटम िदया था। इसके बावजूद एजेंसियाें की लापरवाही जारी रही। नाला बनाने के लिए खाेदे गए कई गड्ढे नहीं भरे गए।
एजेंसी पर लगा जुर्माना

1. श्री राम सागर कंस्ट्रक्शन- फेस लिफ्टिंग (कंपनीबाग रोड, बैंक रोड समेत कई स्थानों पर नाला निर्माण) 53 मीटर : 26 हजार 5 सौ 2. लिली कंस्ट्रक्शन- हरिसभा चौक से मोतीझील होते हुए टाउन थाना तक नाला निर्माण : 15 मीटर : 75 सौ 3. खोखर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड- थाना से टावर होते हुए सिकंदरपुर तक नाला निर्माण : 166 मीटर : 83 हजार 4. खोखर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड- बैरिया से एमआईटी व स्टेशन तक नाला निर्माण : 12 मीटर : 6 हजार

बहाना: बिजली लाइन शिफ्ट करने के कारण छोटी सरैयागंज में नहीं शुरू हो सका काम

गड्ढा कर छोड़ देने को लेकर सबसे ज्यादा जुर्माना खोखर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड पर ही लगाया गया है। शहर की सबसे बदतर स्थिति छोटी सरैयागंज में ही बनी हुई है। 166 मीटर गड्ढा कर इस एजेंसी ने छोड़ दिया है। गुरुवार को भी निर्माण एजेंसी द्वारा छोटी सरैयागंज में नाला बनाने का काम शुरू नहीं किया गया। एजेंसी का कहना है कि अभी बिजली लाइन शिफ्ट करने का काम चल रहा है। छोटी सरैयागंज में सूतापट्टी इलाके का एक पोल पर तीन सौ से चार सौ कनेक्शन है। एक-एक कनेक्शन को शिफ्ट करने की जवाबदेही है।

 

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