मुजफ्फरपुर| उत्तर बिहार के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। एसकेएमसीएच को मिला 100 बेड का नया वार्ड मिला है। शनिवार को राज्य के मुख्य सचिव त्रित्रुरारी शरण ने इसका उद्घाटन किया। इस वार्ड को यूं तो कोरोना केयर वार्ड नाम दिया गया है, लेकिन अभी इसमें कैंसर मरीजों की कीमोथेरेपी होगी। इस वार्ड का संचालन होमी भाभा कैंसर अस्पताल व अनुसंधान केंद्र करेगा। इस वार्ड को आइसीआइसीआइ फाउंडेशन ने सीएसआर योजना के तहत बनाया है।
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बिहार में पहली पीआइसीसी क्लीनिक :
मुख्य सचिव ने एसकेएमसीएच स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल में पीआइसीसी क्लि का भी उद्घाटन किया। अस्पताल के प्रभारी डॉ. रविकांत ने बताया कि पीआइसीसी क्लीनिक बिहार में पहली बार यहीं बनी है। इसके बन जाने से कैंसर मरीज को बार-बार आइवी लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साइड इफेक्ट वाली कैंसर की दवाओं को सुरक्षित ढंग से डाला जा सकता है। पहले इसके लिए दिल्ली या मुंबई जाना होता था, लेकिन अब बिहार में ही इसकी सुविधा मिलेगी।
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मुख्य सचिव ने सदर अस्पताल औचक निरीक्षण किया। अस्पताल में गंदगी देखकर वह बिफर पड़े। उन्होंने जेनरल वार्ड और एमसीएच का भी निरीक्षण किया। सिविल सर्जन को व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल परिसर में चल रहे नाइन टू नाइन टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि टीकाकरण की लगातार मॉनिटरिंग करें। निर्देश दिया कि जिन लोगों ने दूसरी डोज नहीं ली, उन्हें चिह्नित करें। इस दौरान कमिश्नर मिहिर कुमार सिंह, जिलाधिकारी प्रणव कुमार, एसएसपी, डीडीसी आशुतोष द्विवेदी और डीपीआरओ कमल सिंह मौजूद रहे।
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अचानक अस्पताल पहुंचने से मच गया हड़कंप :
मुख्य सचिव के कार्यक्रम में सदर अस्पताल का निरीक्षण नहीं था। मुख्य सचिव को अस्पताल के निरीक्षण की जगह स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक करनी थी। अचानक उनके अस्पताल पहुंच जाने से वहां अधिकारियों और कर्मचरियों में हड़कंप मच गया। अस्पताल में अफरातफरी मच गयी। जो अधिकारी और कर्मचारी जहां था, वहीं सजग हो गया। आननफानन में वार्ड और इमरजेंसी की स्थिति सुधारने की कोशिश की जाने लगी, लेकिन तब तक मुख्य सचिव की गाड़ी वहां पहुंच गयी।





INPUT: Hindustan
