देखिए Muzaffarpur के माड़ीपुर में बनेगा Bow-String ब्रिज, रेलवे ने शुरू किया काम



माड़ीपुर रेल ओवरब्रिज के समानांतर बाे-स्ट्रिंग ब्रिज बनाने का काम रविवार से शुरू हाे गया। पहले दिन मिट्टी जांच की गई। इस ब्रिज काे एक साल में बना लेने का टारगेट रखा गया है। बिना स्पैन के बनने वाले इस रेल ओवरब्रिज के निर्माण पर करीब 60 कराेड़ लागत आएगी।




इसमें 45 कराेड़ का एस्टीमेटेड काॅस्ट है। इसके अलावा रेलवे जालंधर स्थित कारखाना से करीब 15 कराेड़ का गार्डर सप्लाई करेगी। नया ब्रिज बनाने के लिए साेनपुर मंडल के इंजीनियरिंग विभाग की डिजाइन काे रेलवे की आईआरपीएसएम पर अपलाेड कर दिया गया है।




यह ओवरब्रिज धनुषाकार हाेगा। इस पुल की लंबाई 450 मीटर हाेगी। वहीं साढ़े 7 मीटर चाैड़ाई हाेगी। दिल्ली की लाल कंस्ट्रक्शन कंपनी इस ब्रिज का निर्माण करा रही है। कंस्ट्रक्शन विभाग के अधिकारियाें ने बताया कि इस पुल के निर्माण में कम से कम आवागमन बाधित हाे, इसका पूरा ख्याल रखकर प्रपोजल बनाया गया है। पुल की कुल लंबाई उत्तर और दक्षिण दोनों साइड में 225-225 मीटर हाेगी। वर्तमान पुल के समानांतर पूरब साइड में इसे बनाया जाएगा। जाे उत्तरी साइड में पुराने पुल से शुरू होगा।




नए ब्रिज के निर्माण से होंगे ये फायदे
1. कॉशन होगा खत्म – 10 साल से माड़ीपुर रेल पुल के नीचे से 10 किमी कॉशन पर गुजर रहीं ट्रेनें
2. हादसे की आशंका भी दूर हो जाएगी – इस स्थान पर कर्व हाेने के कारण यहां हमेशा ट्रेनों के स्पैन से टकराने और हादसे की आशंका बनी रहती है
3. जंक्शन जल्द पहुंचेंगी ट्रेनें – पुल के नीचे से कॉशन पर गुजरने के कारण ट्रेनें लेटलतीफ पहुंचतीं हैं, इसमें सुधार आएगा




सीएसआर की आपत्ति के बाद पुल के नीचे से कॉशन पर गुजर रहीं ट्रेनें
28 नवंबर 2013 काे चलती मालगाड़ी पर माड़ीपुर ब्रिज गिर गया था। इसके बाद दिल्ली तक हड़कंप मच गया। हालांकि मालगाड़ी पर ब्रिज के गिरने के बाद भी काेई हताहत नहीं हुआ था। लेकिन कई दिनाें तक हाजीपुर व माेतिहारी रेलखंड पर परिचालन ठप रहा था। परिचालन शुरू करने के लिए आनन-फानन में इंजीनियरिंग विभाग ने लाइन के दाेनाें तरफ पाया बनाकर ब्रिज की मरम्मत कर दी। जब सीआरएस निरीक्षण करने आए ताे पुल निर्माण काे लेकर काफी नाराजगी जताई थी।



सीआरएस ने जांच में पाया था कि लाइन के दाेनाें तरफ स्पैन हाेने से यदि 40 किमी की स्पीड में ट्रेनें गुजरती हैं ताे कभी भी इस पाया से ट्रेन टकरा सकती है। इस स्थान पर कर्व हाेने के कारण यहां हमेशा हादसे की आशंका बनी रहेगी। इसके बाद रेलवे के अनुराेध पर सीआरएस ने 10 किमी प्रति घंटे की स्पीड पर ही काॅशन के साथ परिचालन का निर्देश दिया।



INPUT: bhaskar.com
PIC CREDIT: Udan khatola (Youtube)



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