दिल्ली की हवा में घुलता प्रदूषण का जहर खतरे की घंटी है। दिल्ली की राह पटना, मोतिहारी और मुजफ्फरपुर शहर भी चल रहे हैं। यहां भी प्रदूषण का स्तर साल दर साल बढ़ता जा रहा है। मोतिहारी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 371, मुजफ्फरपुर का 353, पटना का 335, गया का 242 है। स्थिति यह है कि राज्य में शराबबंदी की तरह प्रदूषण के खिलाफ अभियान नहीं चला तो आने वाले समय में हवा दिल्ली की तरह जहरीली हो जाएगी। दिल्ली का हाल देख सरकार की चिंता बढ़ी है और अब प्रदूषण के खिलाफ अभियान के लिए तैयारी की जा रही है।
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3 शहरों की हवा को बचाने की चिंता
बिहार के 3 शहरों पटना, गया और मुजफ्फरपुर की हवा को बचाने के लिए मंथन चल रहा है। इन 3 शहरों में वायु प्रदूषण की गंभीर होती स्थिति पर नियंत्रण के लिए नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत अब बड़ी प्लानिंग चल रही है। बिहार के मुख्य सचिव ने ‘स्टीयरिंग कमेटी’ के साथ बैठक में मंथन किया है। यह प्लान तैयार किया गया है कि पटना, गया और मुजफ्फरपुर शहर की हवा को कैसे प्रदूषण से बचाया जाए। अब 4 प्लान तैयार किया गया है जिससे प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके लिए विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है।
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अफसरों की तय होगी जवाबदेही
प्रदूषण को लेकर अफसरों की जवाबदेही तय की जा रही है। इसके लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव, परिवहन विभाग के सचिव, कृषि विभाग के सचिव, राज्य परिवहन आयुक्त, निदेशक (अनुश्रवण ) भवन निर्माण विभाग, सचिव ग्रामीण कार्य विभाग, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (जलवायु परिवर्तन एवं आद्रभूमि) बिहार, सदस्य सचिव बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के साथ पटना, गया एवं मुजफ्फरपुर जिलों के डीएम व नगर आयुक्त, संयुक्त सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग के साथ मुख्य सचिव ने रणनीति तैयार करते हुए प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने का आह्वान किया गया है।
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4 प्लान से होगी प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई
1. प्लान एक – नगर विकास एवं आवास विभाग:
ठोस अपशिष्ट को खुले में नहीं जलाने के संबंध में कॉल सेंटर स्थापित कर हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। ठोस कचरा को खुले में जलाने की शिकायतें कॉल सेटर पर आएंगी तो इस पर तत्काल एक्शन लेना होगा। शिकायतों का समाधान और नियंत्रण किया जाएगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का प्रचार प्रसार भी किया जाएगा। जिससे आम लोगों को हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज कराने की जानकारी हो सके।
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2. प्लान दो – भवन निर्माण तथा पथ निर्माण विभाग:
खुले में भवन निर्माण और विध्वंस करने की कार्रवाई का आकलन करना होगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना होगा। ऐसे निर्माण स्थलों को कवर करना और जल छिड़काव करना होगा। पथ निर्माण के दौरान धूलकणों के नियंत्रण के लिए नियमित रूप से जल छिड़काव सुनिश्चित किया जाएगा।
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3. प्लान तीन – परिवहन विभाग द्वारा:
वाहन से निकलने वाले धुएं की जांच करने वाले सेंटर का औचक निरीक्षण करना होगा। इसके साथ ही वाहनों के PUC की जांच का अभियान चलाया जाएगा।
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4. प्लान चार – पटना , गया व मुजफ्फरपुर नगर निगमः
रोड पर बिखरे हुए धूल कणों की सफाई के लिए ‘मेकेनिकल स्वीपर मशीन का उपयोग किया जाएगा। सफाई को लेकर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही सड़कों पर जल छिड़काव की प्रक्रिया तेज की जाएगी।





INPUT: Bhaskar
