समय पर प्रमाण पत्रों को निर्गत करने में RTPS काउंटर हो रहे फेल, चुनावी ड्यूटी पर कर्मियों को भेजने से बढ़ी परेशानी

आरटीपीएस कार्यालय निर्धारित अवधि में किसी तरह का प्रमाणपत्र जारी करने में फेल हो चुके हैं। अलग-अलग प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन दे चुके हजारों जरूरतमंदों के सामने गंभीर संकट पैदा हो गया है।

कंप्यूटर में गड़बड़ी, सर्वर डाउन रहने, कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी में तैनाती जैसे कारण बताने वाले अधिकारी व कर्मचारी यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि आवेदकों को आखिर कितने दिन इंतजार करने पड़ेंगे? यह अराजकता मुशहरी से पारू प्रखंड तक और सकरा से साहेबगंज प्रखंड तक व्याप्त है। जातीय-आवासीय प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (ईडब्ल्यूएस), विकलांगता पेंशन और क्रिमी लेयर प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर चुके हजारों आवेदक सांसत में हैं। दिव्यांगों के पेंशन के आवेदन और गरीबों के राशन कार्ड फंसे हैं। हजारों छात्रों का कैरियर दांव पर है। किसी के घर में दाल-रोटी पर संकट है तो किसी की जेब में दवा के पैसे नहीं हैं।




सवाल आईआईटी में दाखिला का
खबड़ा आदर्श नगर निवासी संगीता कुमारी के बेटे को आईटीआई में दाखिला लेने के लिए आय प्रमाण पत्र की जरूरत है। ऑनलाइन आवेदन के बाद वे तीन बार टेम्पो बदलकर मुशहरी आरटीपीएस काउंटर पर रसीद जमा कर चुकी हैं। नामांकन 25 से 30 नवंबर के बीच कराना है, परन्तु पिछले अनुभव ने उनके होश गुम हैं। मेंस और एडवांस परीक्षा के समय ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट बनवाने के लिए छह से अधिक बार शहर से मुशहरी का चक्कर लगाना पड़ा। काउंसिलिंग से पहले कॉलेज के प्रारूप में आय प्रमाण पत्र हासिल करने में पसीना छूट गया। प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर के लिए अंचलाधिकारी को ढूंढ़ते-ढूंढ़ते अहियापुर मतगणना केंद्र पहुंचीं तो बात बनी।


मुशहरी में 6100 आवेदन लंबित
मुशहरी आरटीपीएस कार्यालय के कर्मचारी राकेश कुमार ने दावा किया कि चार दिनों की मेहनत के बाद मंगलवार की शाम लंबित आवेदनों की संख्या 16000 से घटकर 6100 पर पहुंची है। आवेदनों की संख्या कम या ज्यादा है, लेकिन समय सीमा फेल होने से अराजकता हर प्रखंड में एक जैसी है। गायघाट में चुनावी ड्यूटी पर तैनात पारू प्रखंड के आटीपीएस काउंटर के कर्मचारी सुनील कुमार ने बताया कि उनके यहां करीब 4000 आवेदन लंबित हैं। उन्होंने बताया कि गायघाट के बाद उन्हें कटरा में चुनावी ड्यूटी दी गई है। चुनावी ड्यूटी से फुर्सत मिलते ही वे तेजी से प्रमाण पत्र जारी कराएंगे। सुनील कुमार ने बताया कि पारू आरटीपीएस काउंटर में बरसात में पानी के रिसाव से दो कंप्यूटर व यूपीएस जल चुके हैं। अपने कंप्यूटर व लैपटॉप से काम करते हैं। अक्सर सर्वर डाउन होने और नेट की समस्या से काम ठप होता है। रात के एक बजे भी सर्वर चालू होते ही वे काम निकालते हैं।


शहर के दिव्यांगों का मुशहरी पहुंचना मुश्किल
वार्ड पार्षद रंजू सिन्हा ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र से हर तरह के प्रमाण पत्र के लिए मुशहरी पहुंचना बड़ी समस्या है। सर्वाधिक त्रासदी दिव्यांगों के साथ है। उन्हें पेंशन का आवेदन करने के लिए मुशहरी पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व डीएम आलोक रंजन घोष के निर्देश पर एसडीओ कार्यालय में शहरी क्षेत्र के लिए आरटीपीएस का ब्रांच खोला गया, परन्तु उनके तबादले के बाद उसे बंद कर दिया गया। वर्तमान डीएम प्रणव कुमार कई माह पूर्व काउंटर खोलने का निर्देश दे चुके हैं, लेकिन उस पर अमल नहीं हो रहा है।

INPUT: Hindustan

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