Corona वायरस के नए स्ट्रेन Omicron ने बढ़ाई लोगों की चिंता, LockDown की यादें फिर हुई ताजा

मुजफ्फरपुर। पुराने समय में लोग भूत, जिन्न व अन्य प्रेतात्मा के नाम से डर जाते थे। वर्तमान समय में कोरोना ने यह जगह ले ली है। इसका नाम सुनते ही लोग सहम जाते हैं।




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दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के नए वैरिएंट Omicron सामने अाने के बाद यही हाल न केवल मुजफ्फरपुर वरन पूरे विश्व का है। लोगों को फिर से वही चिंता सताने लगी है। खासकर भारत में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जो हाल देखने को मिला, उसकी याद लोगों काे अंदर तक हिलाने के लिए काफी है। इसकी वजह से लाकडाउन तो किसी बुरे सपने की तरह है। जिसने पहले ही देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ रखी है। इसकी मार लोग महंगाई के रूप में झेल रहे हैं। बेरोजगारी का स्तर बढ़ गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से कोरोना के इस नए स्ट्रेन B.1.1.529 को वैरिएंट आफ कंसर्न (Variant of concern) घोषित किए जाने के बाद चिंतित होना स्वाभाविक है। चिंता और इसलिए बढ़ जा रही है कि दो लहर झेलने के बाद भी जिले के लोगों का जीवन कोविड गाइडलाइंस के अनुसार नहीं हो सका है। दूसरी लहर कम होते ही मुजफ्फरपुर और बिहार के अन्य जिलों के लोगों ने तमाम नियमों को ताक पर ही रख दिया है। शारीरिक दूसरी का पालन और मास्क पहनने जैसे सामान्य नियमों की अनदेखी हो रही है। सैनिटाइजर का प्रयोग बहुत कम हो गया है।


कोरोना से लोगों का बहुत नुकसान हुआ
मुजफ्फरपुर के बिहार विश्वविद्यालय से पीजी की पढ़ाई कर रहे सुमित का कहना है कि यह वाकई चिंताजनक है। कोरोना टीकाकरण होने के बाद हमलोग कुछ अधिक ही चिंता मुक्त हो गए हैं। यदि किसी भी वजह से कोरोना के इस नए स्ट्रेन से अपने पांव फैलाए तो बहुत ही बुरा होगा। लोग अब इसकी मार झेल सकने की हालत में नहीं हैंं। पहले ही कोरोना की वजह से लोगों का बहुत नुकसान हुआ है।


व्यवसायी दीपक की चिंता भी कुछ इसी तरह की है। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर के दौरान हमलोगों ने अपने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति देख ली है। इसके बाद संक्रमण के चेन को तोड़ने का नाम देकर लाकडाउन लगाया जाएगा। पहले ही दो लाकडाउन की मार से हमलोग बाहर नहीं निकल सके हैं।

INPUT: JNN

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