शादी में शरीक होने Delhi से Muzaffarpur आई बच्ची खेलते-खेलते भटकी, ‘देवदूत’ बनी Muzaffarpur पुलिस और फिर…

मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा में पुलिस भटकी हुई बच्ची को उसके परिजनों से मिलवा दिया। मंगलवार को बच्ची भटककर बीच बाजार रो रही थी। वह बदहवास अपने परिजन को खोजती हुई इधर-उधर भाग रही थी। उसकी हालत देखकर स्थानीय लोगों ने उसे रोक लिया। उसे प्यार से पुचकारा और पूछताछ की। लेकिन, वह इतनी सहमी हुई थी कि कुछ बोल नहीं पा रही थी। लोगों ने उसे मिठनपुरा थानेदार भगीरथ प्रसाद के हवाले कर दिया।




उन्होंने बच्ची को पहले पानी पिलाया, फिर बिस्किट और चॉकलेट मंगवाकर उसे खाने को दिया। उसे यह यकीन दिलाने में घंटो लग गए कि वे लोग उसके हितैशी हैं। बच्ची जब संभल गयी तो उससे पूछताछ की गई। लेकिन, उसने सही-सही कुछ जानकारी नहीं दी। इसके बाद थानेदार ने स्थानीय वार्ड पार्षद इकबाल कुरैशी से सम्पर्क किया और उन्हें जानकारी जुटाने को कहा। इधर, पुलिस भी अपने स्तर से छानबीन में जुट गई। बच्ची की तस्वीर खींचकर सोशल मीडिया पर भी डाला गया। पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप पर भी डालकर पता लगाने को कहा गया। इधर, बच्ची के माता-पिता भी उसे खोज रहे थे।


सोशल मीडिया से लगा पता
इसी बीच बच्ची का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। जिसकी जानकारी उसके माता-पिता तक पहुंची। वे लोग भागते हुए मिठनपुरा थाना पहुंचे। वहां अपनी बच्ची को सही सलामत देखकर काफी खुश हुए। दोनों की आंखों से आंसू छलक उठे। बच्ची भी अपने माता-पिता के गले लगकर रोने लगी।


शादी में आये थे सभी
थानेदार ने पूछताछ की तो बच्ची के पिता ने बताया कि उनका नाम राकेश सिंह है और वे गायघाट महेशवारा के रहने वाले हैं। बच्ची का नाम राधा (5) बताया। कहा कि वे दिल्ली में रहकर प्राइवेट जॉब करते हैं। एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने पुरानी बाजार आये थे। इसी क्रम में राधा खेलते हुए भटक गयी। इधर, बच्ची ने थानेदार से कहा कि पुलिस अंकल थैंक्यू। आपलोगों ने बहुत अच्छे से ख्याल रखा। कागज़ी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्ची को उसके माता-पिता के हवाले कर दिया गया।

INPUT: Bhaskar

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