जिसका डर था वही हुआ, ओमिक्रॉन की भारत में एंट्री: बेंगलुरु में दो ओमिक्रॉन संक्रमित मिले; संपर्क में आए 6 लोग भी पॉजिटिव

कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन भारत में भी पहुंच गया है। देश में इसके पहले दो मरीज कर्नाटक में मिले हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है।




इनमें एक 66 साल का विदेशी नागरिक है, जो पिछले दिनों साउथ अफ्रीका गया था, जबकि दूसरा बेंगलुरु के बोमनहल्ली का 46 साल का हेल्थ वर्कर है। दोनों की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए थे। इसकी रिपोर्ट में ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि हुई है। इनके संपर्क में आने वाले एक डॉक्टर समेत 6 अन्य लोगों के सैंपल भी पॉजिटिव पाए जाने पर जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है। विदेशी नागरिक जहां 27 नवंबर को ही दुबई जा चुका है, वहीं भारतीय हेल्थ वर्कर को भी पहले घर और फिर 3 दिन अस्पताल में आइसोलेट रखे जाने के बाद उसे वापस घर भेज दिया गया था।


जिस विदेशी नागरिक की रिपोर्ट में ओमिक्रॉन वैरिएंट पाया गया है, बेंगलुरु म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन की तरफ से इस नागरिक की ट्रैवल रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वैक्सीन की दोनों डोज ले चुका विदेशी नागरिक 20 नवंबर को निगेटिव रिपोर्ट के साथ बेंगलुरु पहुंचा था। उसके ‘एट-रिस्क कंट्रीज’ से आने के कारण एयरपोर्ट पर ही RT-PCR टेस्ट किया गया।


इसके बाद वह होटल चला गया। उसी दिन आई रिपोर्ट में वह पॉजिटिव पाया गया। सरकारी डॉक्टर ने होटल जाकर उसकी जांच की। जांच में उसके अंदर कोई लक्षण नहीं मिले तो उसे सेल्फ आइसोलेट रहने का निर्देश दिया गया। 22 नवंबर को उसका सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेज दिया गया।


रिपोर्ट के मुताबिक, उसके संपर्क में आने वाले सभी 24 लोगों की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद सेकेंडरी कांटेक्ट्स के तौर पर उन 24 लोगों के संपर्क में आए 240 लोगों का टेस्ट किया गया। इन सभी की रिपोर्ट भी निगेटिव मिली है।


विदेशी नागरिक ने 23 नवंबर को एक प्राइवेट लैब से कोरोना टेस्ट कराया, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद 27 नवंबर की रात को उसने 12 बजकर 12 मिनट पर होटल से टैक्सी ली और एयरपोर्ट पहुंचकर वह UAE के दुबई शहर के लिए रवाना हो गया।


ओमिक्रॉन से संक्रमित हेल्थ वर्कर को लग चुकी थी दोनों डोज
इसके अलावा दूसरे ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित मिले भारतीय हेल्थ वर्कर के बारे में बताया गया है कि उसे वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं और उसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। उसके संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान कर ली गई है और उनकी निगरानी की जा रही है।


म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन की तरफ से जारी नोट के मुताबिक, हेल्थ वर्कर को 21 नवंबर को बुखार और बॉडी पेन होने पर उसका टेस्ट कराया गया था, जिसकी 22 नवंबर को आई रिपोर्ट में वह पॉजिटिव पाया गया। उसकी CT वेल्यू बेहद कम होने के कारण सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया।

उसे 22 से 24 नवंबर तक घर पर ही आइसोलेट रखा गया, जबकि 25 नवंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में 3 दिन रखने के बाद 27 नवंबर को उसे वापस घर भेज दिया गया।

द हिंदू की रिपोर्ट में बेंगलूरु म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के कमिश्नर गौरव गुप्ता के हवाले से कहा गया है कि ओमिक्रॉन से संक्रमित मिले हेल्थ वर्कर के संपर्क में आने वाले 13 प्राइमरी और 205 सेकेंडरी कांटेक्ट्स की रिपोर्ट कराई गई थी। इनमें 3 प्राइमरी और 2 सेकेंडरी कांटेक्ट्स पॉजिटिव मिले हैं, जिनके सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेज दिए गए हैं।

ANI के मुताबिक, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के. सुधाकर ने भी संपर्क में आने वाले 6 लोग के पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि की है। डॉ. सुधाकर ने कहा कि इनमें ओमिक्रॉन संक्रमित हेल्थ वर्कर का इलाज कर रहे डॉक्टर भी शामिल हैं। इन सभी को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत सामान्य है। इन सभी को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थी। सभी के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जा रही है।

INPUT: Bhaskar

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