Muzaffarpur में बिहार बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय में बने डेडिकेटेड कोरोना वार्ड को लेकर स्वास्थ्य विभाग व बिहार बोर्ड आमने-सामने, जानिए पूरा मामला

मोतीझील में बीबी कॉलेजिएट के पीछे स्थित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के क्षेत्रीय कार्यालय में बनाए गए 220 बेड के डेडिकेटेड कोरोना वार्ड को लेकर बिहार बोर्ड और स्वास्थ्य विभाग आमने-सामने आ गया है।




बिहार बोर्ड जहां ऑनलाइन परीक्षा व अन्य कार्यों में हो रही असुविधाओं का हवाला देकर डेडिकेटेड कोरोना वार्ड को हटाने की मांग पर अड़ा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोम के कारण संभावित तीसरी लहर का हवाला देते हुए इसे नहीं हटाने की बात कह रहा है। इसको लेकर एक सप्ताह से दोनों विभागों के बीच चिट्ठी वार चल रहा है।


मामले की जानकारी के बाद दोनों का पक्ष सुनने के लिए गुरुवार को डीएम प्रणव कुमार ने बैठक बुलाई। हालांकि, बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद डीएम निकल गए। इसमें स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिविल सर्जन डॉ. विनय कुमार शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए इसे मार्च तक यथावत रहने देने की बात कही।


वहीं, बिहार बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी ने विशेष कोरोना वार्ड के कारण ऑनलाइन परीक्षा व अन्य कार्यों में असुविधा होने की बात कही। दोनों अधिकारियों के पक्ष रखने के बाद मामले में मार्गदर्शन के लिए मुख्यालय को अनुशंसा कर दी गई। अब सरकार जो फैसला करेगी, वह निर्णय दोनों को मानना होगा।


परीक्षा समिति व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों संग डीएम ने किया मंथन, फैसला मुख्यालय के हाथ

– 03 नंबर फ्लोर पर बना है 220 बेड का डेडिकेटेड कोरोना वार्ड
– 02 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हुए हैं इस अस्पताल के निर्माण पर


इसमें बेड तक पाइपलाइन से ऑक्सीजन सप्लाई की है व्यवस्था
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका पर बीबी कॉलेजिएट स्थित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के 3 फ्लोर पर 220 बेड का विशेष कोरोना वार्ड बना था। बीएमआईसीएल ने इसे बनाया है। इस पर करीब 2 करोड़ खर्च हुए हैं। इस विशेष वार्ड में 20 बेड की आईसीयू व 200 बेड का जनरल वार्ड बनाया गया है। सभी बेड पर पाइप लाइन से ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था है। सीएस ने कहा कि जिले में कोई ऐसा भवन नहीं है, जहां 220 बेड का विशेष वार्ड बनाया जा सके।

INPUT: Bhaskar

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