पंजाब नेशनल बैंक फर्जीवाड़ा के पीड़ित रिटायर बीएसएनएल कर्मी रामदेव राम को रुपए लौटाने के मामले में गुरुवार को सीजेएम कोर्ट में सुनवाई हुई। बहस के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया है।साइबर अपराधियों ने रामदेव राम के खाते से 22.4 लाख रुपए की फर्जी निकासी कर ली थी। उन्होंने नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
पीड़ित के वकील ने न्यायालय में बहस करते हुए कहा कि पीड़ित ने रिटायरमेंट की राशि खाते में बेटी की शादी के लिए रखी थी। कोर्ट ने बहस सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है। बता दें कि पुलिस ने मामले में पीएनबी की साइंस कालेज शाखा के कैशियर नीतेश कुमार और कोल्हुआ पैगंबरपुर के जफर इकबाल समेत छह आरोपितों को गिरफतार कर जेल भेजा था। आरोपितों के पास से पुलिस ने 11.5 लाख रुपए और घोस्ट खातों में 74 लाख रुपए जब्त किए गए थे।
