माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि शनिवार को बसंत पंचमी के मौके पर विद्या की देवी मां शारदे की आराधना की जाएगी। शहर के विभिन्न गली-मोहल्ले व संस्थानों में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर पूजा होगी।
इसके लिए जगह-जगह पंडाल सज गए हैं। हालांकि, कोरोना के कारण इस बार पूजा के दौरान कुछ पाबंदियां भी लगाई गयी हैं।
सरस्वती पूजा को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। शुक्रवार को लोग पूजा पंडालों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। पूजास्थलों को रोलेक्स, झालरों व झूमर से सजाया गया है। पूजास्थलों पर बज रहे माता के गीत बसंत पंचमी का एहसास करा रही हैं। वहीं, मूर्तिकार की ओर से प्रतिमा को अंतिम रूप देने के बाद श्रद्धालु उसे पूरे उत्साह के साथ लाकर पंडालों में स्थापीत किया।
वहीं, मां शारदे को सजाने के लिए पसंदीदा साड़ी, मुकुट, गहने लेकर श्रद्धालु दिनभर मूर्तिकार के पास पहुंच रहे थे। वीणा वादिनी व हंसवाहिनी का जयकारा लगाते ठेला, साइकिल व गाड़ी से पूजास्थल तक प्रतिमाएं लायी गईं।
