Muzaffarpur में तंबाकू मुक्त जिले के लिए चलाया गया छापेमारी अभियान, कई होटल एवं रेस्त्रां मालिकों पर लगा जुर्माना

मुजफ्फरपुर में तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत सदर अस्पताल परिसर एवं उसके आस-पास के जगहों पर शुक्रवार को छापेमारी अभियान चलाया गया। जिसमें तंबाकू एवं तम्बाकू उत्पादों का इस्तेमाल करने वालों का चालान काटा गया।

 

इस अभियान के तहत छह लोगों से जुर्माना वसूला गया। यह अभियान जिला के खाद्य संरक्षण पदाधिकारी सुदामा चौधरी एवं सीड्स के कार्यक्रम पदाधिकारी मनोज  कुमार झा के नेतृत्व में चलाया गया। जिला खाद्य संरक्षण पदाधिकारी डॉ सुदामा चौधरी ने बताया कि यह  छापेमारी अभियान मुख्य रूप से तम्बाकू उत्पाद बेचने वाले एवं पान दुकानों एवं कोटपा नियम का पालन नहीं करने वालों पर चलाया गया है। जिसमें कुल 10 तंबाकू उत्पादों को बेचने वालों का चालान कटा।

 

तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत होटलों में भी छापामारी अभियान चलाया गया। छापामारी अभियान में साइक्लोजिस्ट श्वेता पठक, फूड सेफ्टी विभाग के मुकेश‌‌ कुमार शामिल थे।

 

तंबाकू धीमा जहर-

सीड के मनोज झा ने बताया कि ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे रिपोर्ट 2017 (गेट्स 2) के अनुसार बिहार में 25.9% वयस्क किसी न किसी रूप में तम्बाकू उत्पादों का सेवन करते हैं। वहीं 13 से 15 वर्ष के लगभग 14.6% बच्चे तम्बाकू उत्पादों का सेवन करते है। बताया तंबाकू का सेवन जन स्वास्थ्य के लिए बहुत हीं हानिकारक है। यह एक धीमा जहर के रूप में कार्य करता है।  थूकना संक्रमण रोग के फैलने का एक प्रमुख कारण है। तंबाकू सेवन करने वाले की प्रवृति यत्र-तत्र थूकने की होती है। थूकने के कारण कई गंभीर बीमारी यथा कोरोना, इंसेफलाइटिस, यक्ष्मा, स्वाइन फ्लू आदि के संक्रमण फैलने की संभावना रहती है। भा.द.वि. (आईपीसी) की धारा 268 एवं 269 के तहत कोई भी व्यक्ति यदि महामारी के अवसर पर उपेक्षापूर्ण अथवा विधि विरुद्ध  कार्य करेगा जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण हो सकता है तो उसे छह माह की कारावास एवं अथवा 200 रुपये जुर्माना किया जा सकता है।

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