…तो चौथी बार एक साल में बाढ़ की विभीषिका झेलेंगे लोग, नदियों के जलस्तर में वृद्धि जारी

मुजफ्फरपुर: बागमती नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में दो दिनों से हो रही मूसलधार बारिश के कारण औराई में बागमती ,लखनदेई व मनुषमारा नदी के जलस्तर में रविवार को दूसरे दिन भी वृद्धि जारी रही। इधर, लगातार हो रही बारिश से औराई दक्षिणी क्षेत्र के असमानपुर, पटोरी, सरहंचिया, महेशवारा समेत कई गाव के लगभग 200 घरों में बारिश का पानी प्रवेश कर गया है।




जलस्तर में वृद्धि होने के कारण एक बार फिर नए क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश करना शुरू कर गया है। मनुषमारा नदी का पानी अंबेडकर नगर बोदी बाध के समीप स्लूस गेट से लखनदेई नदी में प्रवेश करता है जहा से लखनदेई नदी और उग्र हो गई है। इस कारण उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैल गया है। हथिया नक्षत्र में हुई बारिश के कारण आई बाढ़ व जलजमाव से किसान परेशान हैं। किसानों को रबी फसल की चिंता सताने लगी है।


गायघाट में बागमती में हो रहा तेज कटाव
गायघाट प्रखंड क्षेत्र में दो दिनों से हो रही बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। वहीं बागमती के जलस्तर में हो रही वृद्धि से एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर में करीब तीन दिनों से वृद्धि देख बागमती नदी के किनारे बसे ग्रामीणों में बाढ़ की आशका सताने लगी है। लदौर पंचायत के कई जगहों पर भीषण कटाव हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले बार भी जलस्तर बढ़ने से कटाव हो रहा था। इसकी सूचना प्रशासन को दी गई थी। उसके बावजूद कटावरोधी कार्य नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि बाढ़ से बचाव के लिए हर साल योजना बनती है, लेकिन बाढ़ रोकने का कोई प्रबंध नहीं किया जा रहा है। सरकारी आकड़ों में केवल जान माल की हानि का लेखा-जोखा तैयार किया जाता है। अबतक कोई ठोस प्रशासनिक तैयारी नहीं होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।

INPUT: JNN

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