कोरोना की रफ्तार थमने के बाद महानगरों के फैक्ट्री संचालक प्रवासी मजदूरों को वापस बुलाने लगे हैं। जल्दी से जल्दी काम पर आने ने के लिए फैक्ट्री संचालक मजदूरों को रेल टिकट भी भेज रहे हैं।
तीसरी लहर शुरू होने पर प्रवासी मजदूर घर लौट गए थे। इससे फैक्ट्री में उत्पादन प्रभावित हो गया। अब संक्रमण में कमी होने पर दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद व लुधियाना आदि शहरों के फैक्ट्री संचालक व ठेकेदार मजदूरों को रेल टिकट भेजकर काम पर बुला रहे हैं।
पवन एक्सप्रेस से महाराष्ट्र के कल्याण जा रहे मोतीपुर के कथैया निवासी विक्रम कुमार ने बताया कि वहां भी कोरोना संक्रमण के मामलों में काफी कमी आयी है। सभी फैक्ट्री खुल चुकी है। मजदूरों को बुलाने के लिए फैक्ट्री संचालक ने टिकट भेजे हैं। पोरबंदर एक्सप्रेस से गुजरात के जामनगर जा रहे हथौड़ी निवासी अशोक साह ने बताया कि कोरोना का कहर बढ़ने पर 12 जनवरी को घर लौटे थे। होली के बाद जामनगर जाने वाले थे, लेकिन ठेकेदार ने मोबाइल पर टिकट भेजकर अविलंब वापस आने के लिए कहा है। पंजाब के भटिंडा स्थित फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री में काम करने वाले सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर के मो. नदीम ने बताया कि कोरोना के मामलों में कमी के बाद काम पर लौट रहे हैं। फैक्ट्री संचालक ने अवध असम एक्सप्रेस का टिकट भेजा है।
कोरोना थमने के बाद टिकटों की मारामारी शुरू
कोरोना संक्रमण थमने के बाद प्रवासी मजदूरों के लौटने का सिलसिला शुरू होने से रेल टिकटों की मारामारी शुरू हो गई है। उत्तर बिहार से महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब व दिल्ली आदि प्रमुख औद्योगिक शहरों को जाने वाली ट्रेनों में कंफर्म सीट के लिए यात्रियों को एजेंटों व दलालों के ठिकाने पर चक्कर लगाना पड़ रहा है। कोरोना का रफ्तार थमने से प्रमुख ट्रेनों में टिकटों की वेटिंग लिस्ट लंबी होती जा रही है।
मुजफ्फरपुर से चलने वाली प्रमुख ट्रेनों में टिकट की स्थिति
17 फरवरी सप्तक्रांति मुजफ्फरपुर आनंद विहार स्लीपर 154 वेटिंग
17 फरवरी पवन एक्सप्रेस मुजफ्फरपुर एलटीटी स्लीपर 132 वेटिंग
17 फरवरी अवध असम मुजफ्फरपुर लालगढ़ स्लीपर 80 वेटिंग
