Smart City मिशन के तहत Muzaffarpur में होगा खुदीराम बोस मैदान का विकास, 1.79 करोड़ रुपए होंगे खर्च

मुजफ्फरपुर, जासं। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत खुदीराम बोस मैदान को फुटबाल स्टेडियम के रूप में विकसित किया जाएगा। इसपर 1.79 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही एलएस कालेज के भवन, पार्क एवं खेल मैदान का विकास होगा।

इसपर 2.28 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शनिवार को पटना में मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी कंपनी के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की बैठक चेयरमैन एवं नगर विकास व आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में महापौर ई. राकेश कुमार तथा नगर आयुक्त व कंपनी के प्रबंध निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने आदि ने भाग लिया। बैठक में दोनों प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

बैठक में पटना आइआइटी को मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं की आडिट का जिम्मा सौंपा गया। बैठक में शामिल महापौर ने एक बार फिर शहर के चयनित स्कूलों को स्मार्ट स्कूल में परिवर्तित करने का प्रस्ताव रखा। उनके प्रस्ताव पर विचार के बाद इस पर काम करने पर सहमति बनी। इसका रिपोर्ट अगली बैठक में रखने को कहा गया। वहीं महापौर ने एलएस कालेज के विकास के प्रस्ताव पर स्वीकृति देने से पूर्व एलएस कालेज में पार्क एवं मैदान बनने पर आम लोगों के लिए खोलने की बात कहीं। बैठक में चेयरमैन ने स्मार्ट सिटी की योजनाओं को तेजी से पूरा करने की बात कहीं। कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी।

अब मणिका मन में बनेगा एसटीपी

मुजफ्फरपुर। मुशहरी अंचल के मणिका मन और खबड़ा में एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण किया जाएगा। मुख्य सचिव के निर्देश पर नगर विकास एवं आवास विभाग ने दोनों स्थलों के लिए समाहर्ता प्रणव कुमार से अनापत्ति निर्गत करने का आग्रह किया है, ताकि इसपर शीघ्र एसटीपी का निर्माण शुरू किया जा सके। मालूम हो कि मुशहरी में श्मशान की जमीन पर एसटीपी का निर्माण शुरू किया गया था। शुरुआती दौर में स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इसे नियम के विरुद्ध बताया। इसे देखते हुए यहां एसटीपी के निर्माण पर रोक लगा दी गई। इसके लिए पिछले दिनों पूर्व नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय में तीखा आरोप-प्रत्यारोप हुआ।

अब विभाग ने निर्णय लिया है कि एसटीपी के लिए तालाब या पोखर का चयन किया जाए। इसके तहत ही मणिका मन को चिह्नित किया गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के उप सचिव मनोज कुमार झा ने डीएम को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि सरकारी भूमि के लिए एनओसी की जरूरत नहीं है, मगर जलनिकाय के लिए यह आवश्यक है। इसे देखते हुए 22.5 एमएलटी क्षमता वाले एसटीपी के निर्माण के लिए मणिका मन के पास जमीन का एनओसी दिया जाए। इसके अलावा 13 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी निर्माण के लिए खबड़ा/फरदो के पास जमीन को एनओसी देने की कृपा की जाए। डीएम प्रणव कुमार ने अपर समाहर्ता राजेश कुमार को इसपर आगे की कार्रवाई करने को कहा है। इन दोनों जगहों पर एनओसी मिल जाने के बाद नगर विकास और आवास विभाग की महत्वपूर्ण योजना पूरी होने की संभावना है। बरसात से पूर्व इसका निर्माण हो जाए तो शहर को जलजमाव से कुछ मुक्ति मिलेगी।

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