मुजफ्फरपुर। मुख्य संवाददाता
बेला की अंशुल फैक्ट्री में बॉयलर ब्लास्ट के घायलों को भी ढूंढ़ा जा रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने जिला प्रशासन से हादसे में गंभीर व मामूली रूप से घायलों की रिपोर्ट मांगी है।
इस आदेश के आधार पर अपर समाहर्ता डॉ. अजय कुमार ने सिविल सर्जन को दो दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
बीते साल 26 दिसंबर को बेला में बॉयलर ब्लास्ट के घायलों को भी मदद देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस घटना में मृत मजदूरों को राज्य मद से चार चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान दिया गया, लेकिन घायलों को बेहद मामूली रकम देने का प्रावधान आपदा प्रबंधन विभाग के पास है। इन घायलों को समुचित मदद का रास्ता अब खुलने लगा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सभी घायलों के नाम व पते मांगे हैं ताकि उनका सत्यापन किया जा सके। इसके बाद केंद्र के स्तर से उनकी मदद की कोशिश शुरू हो सकती है।
इस हादसे में जहां सात कर्मियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, वहीं करीब दर्जन भर कर्मी घायल हुए थे। घायलों में अंशुल फैक्ट्री के पास के चूड़ा मिल के कर्मी भी शामिल हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग अब सभी घायलों की सूची तैयार कर रहा है। इस घटना में मामूली तौर पर घायल लोगों की अलग व गंभीर रूप से घायलों की अगल सूची बनाई जा रही है। अपर समाहर्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से सूची मिलते ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को भेज दी जाएगी ताकि आगे की कार्रवाई संभव हो सके।
