ऑपरेशन के दौरान आई हॉस्पिटल की लापरवाही से आंख गंवाने वाले जिले के नौ पीड़ितों को शुक्रवार को जिलाधिकारी ने एक-एक लाख रुपये का मुआवजा दिया। मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ितों को राशि का चेक दिया गया।
मुआवजा पाने वालों में मीनापुर के रामपुर हरि निवासी प्रेम कुमार सिंह की पत्नी प्रेमा देवी, अहियापुर के जमालाबाद निवासी हरेंद्र पासवान की पत्नी प्रमिला देवी, बरुराज थाना के मिथनपुर निवासी सुखदेव सिंह, कथैया थाना के दिस्तैलिया निवासी भरत पंडित, अहियापुर के झपहां द्रोणपुर निवासी शत्रुघ्न महतो, मुशहरी चंदवारा की कौशल्या देवी, मुशहरी के नरसिंहपुर निवासी मीना देवी और अखाड़ाघाट की सावित्री देवी शामिल हैं।
सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि आई हॉस्पिटल कांड के 19 पीड़ितों का मुआवजा मिलना है। इनमें मुजफ्फरपुर के नौ पीड़ितों को मुआवजा डीएम के माध्यम से दिया गया है। उन्होंने बताया कि बीते साल नवंबर में जूरन छपरा स्थित आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के दौरान लापरवाही से मरीजों की आंख की रोशनी चली गई थी। इंफेक्शन के बाद आंख निकाली पड़ी थी। एसकेएमसीएच में 11 और आई हॉस्पिटल में चार की आंख निकाली गई थी। चार मरीजों का आईजीएमएस में ऑपरेशन कर आंख में कॉर्निया डाला गया था। अब उन्हें भी मुआवाजा दिया जाएगा।
