लहेरियासराय थाना परिसर से शराब मामले में जब्त एक पिकअप वैन की चोरी हो जाने का मामला प्रकाश में आया है। घटना गत रविवार की देर रात की बतायी जा रही है। चोरी की भनक न तो थाना प्रभारी को और न ही वहां डॺूटी पर तैनात अन्य पुलिस कर्मियों को लगी।
जानकारी के अनुसार गत 26 फरवरी को लहेरियासराय थाने की पुलिस को गश्ती के दौरान रात गुप्त सूचना मिली कि थाना क्षेत्र के रहमगंज काली मंदिर के पास एक बिना नंबर की पिकअप वैन से शराब की खेप को ठिकाने लगाया जा रहा है। इसके बाद लहेरियासराय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की गाड़ी देख शराब तस्करी में संलिप्त सभी लोग पुलिस को चकमा देकर पिकअप वैन और उसपर लदी शराब की खेप को छोड़कर वहां से फरार हो गये।
लहेरियासराय थाने के अवर निरीक्षक शिव शम्भु प्रसाद ने पिकअप वैन और उसपर लदी नेपाल निर्मित देसी शराब को जब्त कर लिया। गाड़ी से कुल 13 सौ 89 लीटर नेपाली देसी शराब बरामद कर थाने के मलखाने में रखा गया और पिकअप को थाना परिसर के पीछे लगा दिया गया।
मामले में ऑन ड्यूटी अवर निरीक्षक शिव शम्भु प्रसाद के आवेदन पर कार्रवाई के लिए कांड संख्या 86/22 अंकित किया गया है। एक तरफ लहेरियासराय थाने की पुलिस मामले में संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी की तैयारी में लगी थी, वहीं दूसरी तरफ पिकअप के थाना परिसर से गायब होने की सूचना मिलते ही उसके होश उड़ गए। इसके बाद थाने के पुलिस कर्मियों को चोरी हुई गाड़ी की तलाश में लगा दिया गया। लेकिन पुलिस चोरी हुई गाड़ी को खोज नहीं पाई।
इसके बाद गत 27 फरवरी को दरभंगा व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के यहां थाना परिसर से गाड़ी चोरी हो जाने को लेकर नालिसी दायर करवाया गया। क्षेत्र में चर्चा है कि बिहार सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर थाना परिसर की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगवाया है लेकिन इस पिकअप की चोरी को सीसीटीवी कैमरे की आंख कैद नहीं कर पायी। इस संदर्भ में सदर एसडीपीओ कृष्णनंदन कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। लहेरियासराय थाना प्रभारी ने कोर्ट में नालिसी दायर किया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
