सदर थाना के भगवानपुर स्थित भामासाह द्वार मोहल्ला में खंडहरनुमा मकान से जब्त 35 कारतूस मामले की पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। रविवार को पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला।
एक सप्ताह पुराने फुटेज की भी जांच की, लेकिन विशेष सुराग नहीं मिल सका है।
सूत्रों की मानें तो पुलिस इस मामले में नक्सली कनेक्शन की भी तलाश कर रही है। चूंकि, जब्त कारतूस पुराने हैं, इसलिए पुलिस भी इस बिंदु पर जांच कर रही है। बताया जाता है कि तीन साल पहले इस इलाके से नक्सली एरिया कमांडर अनिल राम अपने दो अन्य साथियों के साथ पकड़ा गया था। बिहार एसटीएफ की टीम ने कार्रवाई की थी। उसके पास से एक कारबाइन, गोली, कैश, नक्सली लेवी रसीद और जमीन के कागजात भी बरामद किए थे। पुलिस आशंका जता रही है कि उस वक्त नक्सली ने कारतूस व अन्य हथियार छिपाए होंगे। बड़ा हथियार ले गए होंगे और गोली छूट गई होगी। इसके अलावा मकान मालिक का भी सत्यापन पुलिस करने में जुट गई है। सोमवार को उसका सत्यापन कर नोटिस भेजेगी। मकान मालिक सरैया थाना क्षेत्र का बताया गया है।
कोर्ट में कारतूस जांच के लिए आज देगी अर्जी :
सदर पुलिस सोमवार को जब्त कारतूस को एफएसएल जांच में भेजने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी। अनुमति मिलने के बाद कारतूस की पहचान हो सकेगी। जानकारी मिल सकेगी कि उक्त कारतूस कब और कहां बने हैं। कितना मारक क्षमता वाला है। बता दें कि हाल ही में पुलिस ने मोतीपुर में एक मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया था। इस दौरान पुलिस ने सदर इलाके से एक हथियार तस्कर को गिरफ्तार किया था। पुलिस को यह भी आशंका है कि उसके गुर्गे ने तो गोली वहां नहीं छिपाई थी।
