मुजफ्फरपुर, जासं। मोटी रकम लेकर दाखिल खारिज करने के मामले में मुशहरी के तत्कालीन अंचलाधिकारी व राजस्व कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर गत दिनों जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने कार्रवाई का प्रस्ताव मांगा था।
इसके बावजूद प्रस्ताव नहीं भेजा गया। इस पर जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता राजस्व को पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि एक सप्ताह के भीतर प्रपत्र ‘कÓ से संबंधित विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव उपलब्ध कराएं।
पत्र में कहा गया कि मुशहरी अंचल के तत्कालीन अंचलाधिकारी नवीन भूषण व राजस्व कर्मचारी सह प्रभारी अंचल निरीक्षक शिवशंकर प्रसाद ठाकुर द्वारा अवैध तरीके से मोटी रकम लेकर दाखिल खारिज किया गया था। इसको लेकर अंचलाधिकारी मुशहरी के जांच प्रतिवेदन में बताया गया कि बिहार सरकार की भूमि एवं भू-हदबंदी की वैसी खाते की भूमि जिसका बिना सक्षम प्राधिकार के जमाबंदी कायम कर क्रेताओं के नाम दाखिल खारिज किया गया है। इस पर डीएम ने उसके जमाबंदी रद्दीकरण के लिए कार्रवाई अविलंब पूर्ण कराना सुनिश्चित करते हुए कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन मांगा था। साथ ही पदस्थापित तत्कालीन दोषी राजस्व कर्मचारी, अंचल निरीक्षक एवं अंचलाधिकारी को चिह्नित कर उनके विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव विहित प्रपत्र ‘कÓ की मांग की गई थी, जो अप्राप्त है। इस पर डीएम ने वांछित प्रस्ताव विहित प्रपत्र ‘कÓ में एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने को कहा हैं।
अधिकारियों से फिर वार्ता विफल, कर्मचारियों का आंदोलन जारी
मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में कर्मचारियों का आंदोलन नौवें दिन भी जारी रहा। विवि के अधिकारियों ने बुधवार को दूसरी बार कर्मचारी नेताओं के साथ वार्ता की ,लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। इसका परिणाम हुआ कि कर्मचारी आंदोलन पर बने हुए हैं। कर्मचारी नेता इंद्र कुमार दास व राघवेंद्र कुमार ने बताया कि वार्ता के लिए प्रति कुलपति प्रो.रवींद्र कुमार के नेतृत्व में कुलसचिव डा.आरके ठाकुर, कालेज निरीक्षक डा.प्रमोद कुमार, सीसीडीसी डा.अमिता शर्मा और परीक्षा नियंत्रक डा.संजय कुमार पहुंचे थे। अधिकारियों की ओर से गोल-मटोल आश्वासन दिया जा रहा था। कर्मचारियों का कहना था कि पांच सूत्री मांगों को मानते हुए अधिसूचना जारी की जाए। साथ ही उसे कब तक पूरा किया जाएगा इसकी समायवधि तय की जाए। इसके बाद ही कर्मचारी हड़ताल समाप्त करेंगे। अधिकारियों का कहना था कि कुलपति मेडिकल अवकाश पर हैं। ऐसे में उनके आने के बाद ही लिखित अधिसूचना जारी हो पाएगी। कर्मचारियों ने कहा कि सूबे के सभी विवि और अंगीभूत कालेज के कर्मचारी एकजुट होकर 11 मार्च को विधानसभा का घेराव करेंगे। अब यह आंदोलन प्रदेश स्तर का हो गया है। जनप्रतिनिधियों ने भी कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए आंदोलन का समर्थन किया है।
