मुजफ्फरपुर, जासं। फागुन में यह हाल तो भादो में किन हालात से गुजरना पड़ता है, यह देखिए सर। जिला उद्योग केंद्र वाले इलाके में आधा दर्जन फैक्ट्रियों के पास जलजमाव है। उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौंड्रिक उद्यमियों से मिलने तथा विभागीय समीक्षा को आए तो उनको यह कहते हुए जमीनी हकीकत से रू-ब-रू कराया गया।
इसके बाद बियाडा के स्थानीय अधिकारियों की कार्यशैली से वे नाराज दिखे।
जलनिकासी के लिए उचित जगह चयन कर बरसात से पहले संप हाउस और टूटी चहारदीवारी का निर्माण, स्ट्रीट लाइट, सुरक्षा व्यवस्था व अतिक्रमण हटाने संबंधी निर्देश दिए। उद्यमियों से कहा कि बेला औद्योगिक क्षेत्र को जल्द जलजमाव से मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा :
वही समाहरणालय परिसर में उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस अवसर पर करीब तीन दर्जन वैसे लाभुक उपस्थित थे जिन्हें तृतीय किस्त की राशि दी जा चुकी है। कई लाभुकों ने लघु उद्योग में उत्पादित वस्तुओं की बिक्री के लिए खादी मॉल की व्यवस्था करने की मांग की। इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रणव कुमार, तकनीकी निदेशक पंकज दीक्षित ,प्रभारी महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र के विनय कुमार मल्लिक एवं उद्योग विस्तार पदाधिकारी अरविद कुमार श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। उद्यमी संघ व चैंबर आफ कामर्स ने समस्याओं से कराया अवगत :
उतर बिहार उद्यमी संघ के अध्यक्ष नीलकमल व महासचिव विक्रम कुमार विक्की ने मांग रखी कि बियाडा के बकायादारों की पेमेंट प्रक्रिया में मोहलत दी जाए तथा उनका ब्याज माफ हो। साथ ही कहा कि प्रदूषण विभाग द्वारा सीटीई हेतु फॉर्म की राशि दुगुनी कर दी गई है, उसे पुन: 2001 के नोटिफिकेशन के अनुसार किया जाए। कहा कि अर्थदंड देने में एमएसएमई उद्यमी अक्षम हैं। इसे माफ किया जाए। इसके साथ ही जलजमाव, अनियमित विद्युत पोल हटाने, सशस्त्र सुरक्षाकर्मी एवं कैमरे द्वारा निगरानी, ट्रक पार्किंग की व्यवस्था, कैंटीन की व्यवस्था व शौचालय की मांग भी रखी गई। इस मौके पर चितरंजन प्रसाद, सचिव अवनीश किशोर, पुष्कर शर्मा,तारा शंकर प्रसाद, सुरेश खेतान, शशांक श्रीवास्तव, मो. कासिम, प्रवीण कुमार, अजीत कुमार, संजय कुमार, राजू मेहता, लाल बाबू शर्मा, विनय कुमार आदि मौजूद थे। इधर चैंबर आफ कामर्स के महामंत्री सज्जन शर्मा ने भी उद्यमियों की समस्याओं से जुड़ा मांग पत्र प्रधान सचिव को सौंपा।
