शर्मनाक: मुजफ्फरपुर जंक्शन पर DRM की सेवा में जुटे रहे अधिकारी, जंक्शन पर प्रसव पीड़ा से कराहती रही महिला, डेढ़ घंटे बाद पहुंचे डॉक्टर

जंक्शन पर साहब की आवभगत में रेलकर्मी संवेदना भूल गए। ट्रेन में बच्चे को जन्म देने के बाद जंक्शन पर उतरी महिला व उसके परिजन डेढ़ घंटे तक प्लेटफॉर्म पर प्रसव बाद की पीड़ा से कराहती रही। लेकिन, डीआरएम की आवभगत में लगे रेलकर्मियों को महिला के रोने की आवाज नहीं सुनाई दी।

शुक्रवार को समस्तीपुर की कल्याणपुर निवासी रूबी देवी अपने पति के साथ क्लाेन एक्सप्रेस से नई दिल्ली से आ रही थी। इसी बीच छपरा में प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। हाजीपुर के समीप उसने एक नवजात काे जन्म दिया। जिसके बाद ट्रेन में ही उसे काफी ब्लीडिंग हाेने लगी।

वह दर्द से कराहने लगी। ट्रेन के मुजफ्फरपुर पहुंचने पर वह अपने पति के साथ जंक्शन पर उतर गई। उसके पति ने एएसएम कार्यालय काे चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने का अनुराेध किया। लेकिन, रेलवे अधिकारी व कर्मी डीआरएम की आवभगत में लगे रहे। यहां तक कि रेल अस्पताल के डॉक्टर को भी सूचना दी गई, लेकिन डेढ़ घंटे तक काेई नहीं पहुंचा।

जब महिला दर्द से परेशान हाेकर जाेर-जाेर राेने लगी ताे आरपीएफ की एसआई सुष्मिता कुमारी व महिला जवान श्वेता लोधी उसके पास पहुंचीं और साड़ी का घेरा बना कर नाड़ काटा। इसके डेढ़ घंटे बाद रेल अस्पताल की एएनएम पहुंचीं और जच्चा-बच्चा को इंजेक्शन लगाया। लेकिन डॉक्टर नहीं पहुंचे। बाद में परिजन उसे लेकर सदर अस्पताल चले गए। अस्पताल में इलाज के बाद जच्चा-बच्चा दाेनाें स्वस्थ हैं।

लापरवाही पहली बार नहीं : 28 फरवरी को जीएम की सुविधा के लिए खोल दी गई थी ट्रेन

इससे पहले 28 फरवरी को भी जंक्शन पर आम यात्रियों की सुविधा को नजरअंदाज कर बरौनी-लखनऊ एक्सप्रेस को समय से पूर्व खोल दिया गया था। पूमरे के जीएम को हाजीपुर में ट्रेन में चढ़ना था। इसको लेकर जंक्शन पर ट्रेन को निर्धारित स्टॉपेज 5 मिनट के बजाय दो मिनट में खोल दिया गया था।

यात्रियों को होने वाली असुविधा का ख्याल नहीं रखा गया था। बताया जाता है कि रेलवे अस्पताल में कर्मियों को सिर्फ मेडिकल लीव देने का काम होता है। डॉक्टर कभी भी ट्रेन में बीमार यात्रियों के इलाज के लिए स्टेशन नहीं आते हैं। कंपाउडर या अन्य कर्मी ही रेल यात्रियों के इलाज के लिए आते हैं।

डीआरएम ने घटना की जांच के दिए आदेश

घटना की जानकारी के बाद सोनपुर डीआरएम नीलमणि ने जांच के आदेश दिए हैं। कहा कि प्रत्येक पीड़ित रेल यात्री का इलाज करना रेलवे चिकित्सक की जवाबदेही है। जांच में लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई होगी।

Share This Article.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *