मुजफ्फरपुर जिले में 47 दिन में 1410 चापाकल में आई गड़बड़ी, बढ़ती गर्मी के कारण जलस्तर में गिरावट जारी

जलस्तर में अधिक गिरावट नहीं होने के बाद भी पीएचईडी के चापाकल जवाब देने लगे हैं। पिछले 47 दिनों में विभाग के पास 1410 चापाकलों में गड़बड़ी की शिकायत मिली है।

इसमें सबसे खराब स्थिति सकरा और मुरौल प्रखंड में है। अब तक 750 से अधिक चापाकल की मरम्मत की जा चुकी है। कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, एक मार्च से अब तक जिले में पीएचईडी के 1410 चापाकलों में विभिन्न तरह की गड़बड़ी की शिकायत मिली। किसी में पानी नहीं निकलने तो किसी में बालू गिरने की समस्या थी। मरम्मत दल भेजकर खराब चापाकलों को ठीक करा दिया गया है। हालांकि अब भी कई जगहों पर चापाकल मरम्मत होना बाकी है। पिछले 16 दिनों में सकरा और मुरौल दोनों प्रखंडों में जलस्तर भी एक फीट तक नीचे आ गया है।

पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता डेविड कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि प्रत्येक दिन चापाकल खराब होने से संबंधित विभाग के कंट्रोल रूम नंबर पर 24 से 30 कॉल आ रहे हैं। इसमें सकरा से पांच से छह और मुरौल से तीन से चार कॉल आ रहे हैं। सकरा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय दुबहा में 31 मार्च को जलस्तर 19.08 पर था। वहीं 15 अप्रैल को यहां का जलस्तर घटकर 20.06 पर पहुंच गया। मुरौल के इटहा रसूलनगर स्थित मध्य विद्यालय के समीप 31 मार्च को जलस्तर 20.06 पर था। 15 अप्रैल को यह घटकर 20.11 पर पहुंच गया।

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