मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की ओर से स्नातक सत्र 2020-23 के परीक्षा फार्म भरने की तिथि एक बार फिर से बढ़ाई गई है। अब 26 अप्रैल तक बिना विलंब शुल्क के और 200 रुपये विलंब शुल्क के साथ 30 अप्रैल तक छात्र-छात्राएं परीक्षा फार्म भर सकते हैं।
परीक्षा नियंत्रक डा.संजय कुमार ने कुलपति के आदेश से सभी कालेज के प्राचार्यो को पत्र भेजकर इसकी सूचना दी है।
बता दें कि इससे पूर्व 20 अप्रैल तक फार्म भरने की तिथि निर्धारित की गई थी, लेकिन करीब 20 हजार विद्यार्थी अभी फार्म नहीं भर सके हैं। ऐसे में उन्हें एक और मौका दिया गया है। पुन: नामांकन वाले विद्यार्थियों का फार्म शपथपत्र के साथ होगा जमा :
विश्वविद्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 2020-23 सत्र में नियमानुसार पुन: नामांकन वाले विद्यार्थी भी फार्म भर सकते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को पुरानी और नई नामांकन रसीद, पंजीयन की कापी के साथ एक शपथ पत्र भी देना होगा। इसमें वैध तरीके से नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों को ही मौका दिया जाएगा। सीटों की बाध्यता के कारण नए ब्रांचों की पढ़ाई में पेच :
सीटों की बाध्यता के कारण एमआइटी में दो नए ब्रांचों की पढ़ाई अगले सत्र से शुरू करने के प्रस्ताव में पेच फंस गया है। एआइसीटीई के दिशा निर्देशों के अनुसार, संस्थान को अधिकतम 300 सीटों के लिए मान्यता दी जा सकती है। एमआइटी में पहले से ही 275 सीट विभिन्न ब्रांचों को मिलाकर स्वीकृत है। अब दो नए ब्रांचों के लिए 60-60 सीटों का प्रस्ताव भेजा जाएगा। ऐसे में सीटों की कुल संख्या 300 से अधिक हो जा रही है। इस कारण प्रस्ताव तैयार होने के बाद भी नए सत्र के लिए अबतक आवेदन नहीं हो सका है। इधर, कालेज के प्राचार्य डा. सीबी महतो ने बताया कि एआइसीटीइ बीटेक में 300 से अधिक सीटों के लिए मान्यता नहीं देता है। ऐसी स्थिति में कालेज और डीएसटी के स्तर से एआइसीटीई को अनुरोध पत्र भेजा जाएगा। यदि सीट बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाती है तो पहले से संचालित कोर्स में सीट कम कर नए कोर्स के लिए सीट बनाई जाएगी।
