बिहार विवि में करीब 200 छात्रों के परीक्षा देने पर संकट छा गया है। कॉलेजों की लापरवाही से ये छात्र फंस गए हैं। सत्र 2020-23 में 12 कॉलेजों ने सीट से अधिक छात्रों का दाखिला ले लिया है।
परीक्षा फॉर्म भरने के वक्त सत्यापन के समय इसका खुलासा हुआ है। अब इन कॉलेजों सं जवाब मांगा गया है।
पार्ट वन का फॉर्म अभी भरा जा रहा है। लेट फाइन के साथ 30 अप्रैल तक छात्र इसे भर सकते हैं। विवि के यूएमआईएस कोऑर्डिनेटर प्रो. टीके डे ने बताया कि जिन कॉलेजों ने सीट से अधिक दाखिला लिया है, उन्हें फिर से आवेदन करना होगा। छात्रों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि पार्ट वन के परीक्षा फॉर्म भरने की तरीख अब नहीं बढ़ाई जायेगी।
विवि के अनुसार, कॉलेजों ने मैथ विषय में फेल छात्र का फिजिक्स ऑनर्स में दाखिला ले लिया है। कई ऐसे कॉलेज हैं जिन्होंने गलत विषय में छात्रों का दाखिला ले लिया है, ये अब सुधार के लिए परीक्षा विभाग पहुंच रहे हैं। कोआर्डिनेटर ने बताया कि सभी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। कहा कि जिस छात्र ने मैथ नहीं पढ़ा है उसका दाखिला जूलॉजी ऑनर्स में होना चाहिए था, लेकिन उसका दाखिला फिजिक्स ऑनर्स में हो गया। इससे चार कॉलेजों के 100 से अधिक छात्र प्रभावित हो रहे हैं। यही नहीं, कॉलेजों ने कम अंक वालों का भी ऑनर्स में दाखिला ले लिया है। ऑनर्स में दाखिला लेने के लिए संबंधित विषय में 45 प्रतिशत नंबर चाहिए, लेकिन इससे कम अंक वाले छात्रों का भी दाखिला ले लिया गया है। अब इन छात्रों को पास कोर्स में ही परीक्षा फॉर्म भरना होगा।
