मुजफ्फरपुर, जासं। नगर निगम की टीम ने छापामारी कर बिना लाइसेंस संचालित आधा दर्जन पानी प्लांटों को सील कर दिया और निगम पुलिस की मदद से तीन कारोबारियों को हिरासत में लिया गया।
वहीं तीन प्लांटों के कारोबारी भागने में सफल रहे। पकड़े गए कारोबारियों से डेढ़ लाख रुपये जुर्माना वसूल छोड़ा गया। नगर प्रबंधक ओम प्रकाश के नेतृत्व में निगम की टीम ने कलमबाग चौक, मझौलिया, माड़ीपुर, सादपुरा में चल रहे एक दर्जन पानी प्लांटों पर छापामारी की। इस दौरान आधा दर्जन प्लांट बिना लाइसेंस के चलते पाए गए। सभी को सील कर दिया गया। छापेमारी के दौरान तीन प्लांटों के कारोबारी को मौके पर ही हिरासत में लेकर निगम कार्यालय लाया गया। छापेमारी के बाद नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय ने कहा कि किसी को भी बिना लाइसेंस शहरी क्षेत्र में प्लांट लगाने की छूट नहीं होगी। ऐसे लोगों पर जुर्माना के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निगम की टीम को पूरी तत्परता के साथ गैर लाइसेंसी पानी प्लांटों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया।
पानी को लेकर मारा-मारी, निगम का टैंकर बना सहारा
मुजफ्फरपुर के इमलीचट्टी निवासी दीनानाथ गुप्ता पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए 20 मार्च से सड़क पर खड़े नगर निगम के टैंकर से पानी ढो रहे हैं। पानी को लेकर मारा-मारी की नौबत है। यह सिर्फ दीनानाथ गुप्ता की कहानी नहीं है बल्कि इमलीचट्टी मुहल्ले के 50 से अधिक परिवारों की है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इमलीचट्टी रोड में नाला का निर्माण किया जा रहा है। नाला निर्माण के दौरान निगम के जलापूर्ति पाइन लाइन एवं लोगों के घरों में गए पानी कनेक्शन को काट दिया गया है। इससे इलाके में जलापूर्ति बाधित हो गई है। इससे पचास से अधिक परिवारों के सामने पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। यह स्थिति एक या दो दिन से नहीं है बल्कि 20 मार्च से ही है। लोगों की शिकायत पर नगर निगम द्वारा मुहल्ले में टैंकर से पानी की आपूर्ति हो रही है। प्रभावित परिवारों को टैंकर से पानी ढोकर अपने-अपने घरों में ले जाना पड़ रहा है। यदि घर में पुरुष सदस्य नहीं हैं तो महिलाओं को पानी के लिए घर से निकलना पड़ रहा है।
जल आपूर्ति बाधित होने से त्राहिमाम की स्थिति
सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि न तो नाले का काम अब तक पूरा हो पाया है और न ही क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की मरम्मत की जा रही है। निगम प्रशासन से शिकायत करने पर कहा जाता है कि नाला निर्माण के बाद ही कुछ होगा। मुहल्लावासी संजय कुमार सिंह का कहना है कि मुहल्ले के अधिकांश घर निगम की जलापूर्ति पर निर्भर है। ऐसे में पानी की आपूर्ति बाधित होने से त्राहिमाम की स्थिति है। इसे कोई सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों में निगम प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। वार्ड पांच की पार्षद सीमा कुमारी ने कहा कि, निगम प्रशासन को समस्या से अवगत कराया गया है। उनके अनुरोध पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पानी का टैंकर भेजा जा रहा है, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं होने वाला है।
