मुजफ्फरपुर, जासं। हुजूर, ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल के लिए दिए छह महीने से ज्यादा समय हो गया, अब तक नहीं मिला। काम- धंधा छूट गया। हुजूर, परिवार भूखे मर जाएगा।
मालिक लाइसेंस दिला दीजिए ताकि बाहर जाकर कमा सकें। किशुनपुर मधुबन का रहने वाला मुसेश्वर सहनी डीटीओ सुशील कुमार से सामने कुछ इसी तरह गिड़गिड़ा कर ड्राइविंग लाइसेंस दिलाने की गुहार लगा रहा था। उसने कहा, हुजूर बाहर गाड़ी चलाते हैं। इसी से परिवार चलता है। लाइसेंस नहीं रहने से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। यह फरियाद लेकर हर दिन काफी संख्या में लोग डीटीओ कार्यालय पहुंच रहे हैं। किसी का रोजगार छूट गया है तो कोई पुलिस की वसूली से परेशान है। दरअसल, जिले में ड्राइविंग लाइसेंस के 25 हजार से अधिक मामले लंबित हैं।
‘वन नेशन वन कार्ड’ के नए साफ्टवेयर पर सितंबर से जनवरी तक का डाटा अपलोड नहीं किया गया है। इससे इन महीनों के ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड की प्रिंटिंग नहीं हो रही है। हालांकि 15 फरवरी के बाद के कार्ड पिं्रट होकर लोगों के पते पर भेजे जा रहे हैं। डीटीओ ने बताया कि साफ्टवेयर पर जितना डाटा अपलोड किया गया है उनका निष्पादन तेजी से किया जा रहा है। पेंडिंग को जल्द खत्म करने के लिए मिशन के रूप में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि समस्या से विभाग को अवगत कराया जा चुका है।
पोस्ट आफिस में भी लापरवाही
ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी कार्ड वाहन मालिकों को उनके पते पर डाक से भेजने का प्रविधान है। परिवहन विभाग हर दिन काफी संख्या में ड्राइविंग लाइसेंस व आरसी कार्ड पोस्ट आफिस भेज रहा है, लेकिन यह समय से वाहन मालिकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इधर, आक्रोशित वाहन मालिक जिला परिवहन कार्यालय पहुंचकर कर्मियों से नोकझोंक कर रहे हैं। डीटीओ सुशील कुमार ने कहा कि वाहन मालिकों को समय से कार्ड उपलब्ध हो, इसके लिए डाक विभाग को कई बार पत्र लिखा जा चुका है।
