ड्रेनेज बनाने के लिए शहर के सभी प्रमुख इलाके में गड्ढा करके छोड़ देने व लगातार निर्माण एजेंसी पर उठ रही अंगुली के बीच खोखर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने अपने सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर को टर्मिनेट कर दिया है। सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर को बर्खास्त करने से एजेंसी में हड़कंप का माहौल बन गया है। अगले सप्ताह तक नए सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर की तैनाती हो सकती है।
खोखर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के जिम्मे 42 करोड़ की लागत से बैरिया से स्टेशन रोड और 21 करोड़ की लागत से अखाड़ाघाट चौक से सरैयागंज टावर होते हुए धर्मशाला चौक तक सड़क व नाला निर्माण करने की जवाबदेही है। दोनों प्रोजेक्ट के पूरा होने की डेडलाइन खत्म हो चुकी है। एमआईटी स्पाइनल रोड बैरिया गोलंबर से लक्ष्मी चौक होते हुए रेलवे स्टेशन तक सड़क व नाला का निर्माण होना है। उसका 33% ही काम हुआ है।
खोखर इंफ्रास्ट्रक्चर के काम पर लगातार अंगुली उठ रही थी। तिलक मैदान रोड में मेयर इंजीनियर राकेश कुमार पिंटू ने नाला निर्माण में गड़बड़ी पकड़ी थी। एमडी विवेक रंजन मैत्रेय की नाराजगी के बाद सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर अमर कुमार श्रीवास्तव को निर्माण एजेंसी ने टर्मिनेट कर दिया है।
इधर, 12 बार इंस्पेक्शन करेगी आईआईटी टीम
स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट का 2 साल में 12 बार पटना आईआईटी की टीम इंस्पेक्शन करेगी। इसके लिए स्मार्ट सिटी से 2 करोड़ आईआईटी टीम को दिए जाएंगे। स्मार्ट सिटी व आईआईटी के बीच हुए एग्रीमेंट की कॉपी नगर आयुक्त ने शनिवार को सार्वजनिक किया, ताकि शहर के कोई भी लोग यह जान सकें कि थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन में क्या-क्या होना है।
